आईओसी अध्यक्ष ने कहा- ओलिंपिक टालना जल्दबाजी होगी

 अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक ने एक बार फिर दोहराया है कि मौजूदा हालात में टोक्यो ओलिंपिक को टालना जल्दबाजी होगी। लेकिन उन्होंने माना कि संघ कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसमें खेलों को टालना शामिल नहीं है। क्योंकि गेम्स में अभी भी 4 महीने बचे हैं। ऐसे में आईओसी कोई भी फैसला विश्व स्वास्थ्य संगठन और अपनी टास्कफोर्स की सलाह के आधार पर लेगा। इस बीच, मोनाको और स्पनेश फॉर्मूला वन ग्रां प्री रेस रद्द कर दी गई है।


फॉर्मूला वन और एफआईए (अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल महासंघ) के संयुक्त बयान के अनुसार, दुनियाभर में कोविड-19 से पैदा हुए हालात को देखते हुए स्टाफ, चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये यह फैसला लिया। इधऱ, अमेरिका की नेशनल बास्केटबॉल लीग (एनबीए) में खेलने वाली टीम लॉस एंजिल्स लेकर्स के 2 खिलाड़ी कोरोवानायरस पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों और बाकी टीम मेंबर्स को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। टीम ने खिलाड़ियों की पहचान तो उजागर नहीं की है। लेकिन कहा है कि 10 मार्च को ब्रूकलिन नेट्स के खिलाफ हुए टीम के मैच के बाद ही इनकी जांच की गई थी। क्योंकि इस मुकाबले के बाद ही नेट्स के 4 खिलाड़ी इस वायरस से संक्रमित पाए गए थे। पिछले हफ्ते यूटा जैज के खिलाड़ी रुडी गोबार्ट के पॉजिटिव पाए जाने के बाद लीग को रद्द कर दिया गया था।   


कोविड-19 के कारण 43 फीसदी खिलाड़ी क्वालिफाई नहीं कर पाए
आईओसी के अध्यक्ष भले ही खेलों को टालने की बात से इनकार कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में ओलिंपिक क्वालिफाइंग इवेंट और बड़े टूर्नामेंट रद्द या टाले जा रहे हैं। इससे ओलिंपिक के तय शेड्यूल के मुताबिक शुरू होने की आशंका है। इस बात में इसलिए भी दम नजर आ रहा है, क्योंकि 43 फीसदी एथलीट गेम्स के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं। फिर भी आईओसी का यह मानना है कि फिलहाल हालात इतने अनिश्चित हैं कि कोई फैसला लिया ही नहीं जा सकता।